रविवार, 9 फ़रवरी 2025

नजरिया जीने का: राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए आंदोलन का अपहरण और जनता की आँखों मे धूल झोंकना पड़ा महंगा


नजरिया जीने का: अगर आप 2025 के चुनाव परिणामों का आकलन करेंगे तो यह स्पष्ट है कि ये रिजल्ट न केवल आप की हार हैं, बल्कि उसके झूठ, अहंकार और अराजकता की राजनीति के खिलाफ जनता का गुस्सा भी हैं  जिसने पिछले चुनावों मे आप को सर माथे पर बैठाया और भाजपा और काँग्रेस को ठेंगा दिखाया था। लेकिन इस बार लोगों ने काँग्रेस को शून्य पर रखते हुए भी भाजपा और मोदी की गारंटी पर मुहर लगा दिया। 

अरविन्द केजरीवाल का भारतीय राजनीति मे उदय वास्तव मे रामदेव, अन्ना हजारे और अन्य नागरिक समाज समूहों द्वारा शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की परिणति थी। आंदोलन का काफी सफाइ के साथ अरविन्द केजरीवाल एण्ड कंपनी ने हाइजेक कर राजनीति मे अपना मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उपस्थिति भी ऐसी की न केवल भारत बल्कि दुनिया मे राजनीति मे कुछ नया करने का दंभ भरने वाले अरविन्द केजरीवाल एण्ड कंपनी ने लोकप्रियता का लाभ उठाकर AAP राजनीति मे आई।  पार्टी मे कांग्रेस शासन के गहरे भ्रष्टाचार को उजागर किया था और आंदोलन के जोश को हाइजेक कर केजरीवाल सत्ता हथिया लिया था। 

अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए आंदोलन का अपहरण कर अरविन्द केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी नामक एक  ऐसी पार्टी बनाई जिसने भ्रष्टाचार को खत्म करने और कुशल शासन लाने का वादा किया। 

काफी सफाई से केजरीवाल ने सत्ता पर कब्जा कर नया करने के नाम पर लोगों के आँखों मे धूल झोंक कर और मुफ़्त के रेबड़ी  थमा कर लगभग एक दशक तक शासन किया लेकिन उन मुद्दों को काफी सफाई से टच तक नहीं किया जैसे भ्रस्टाचार पर वार, लोकपाल, यमुना की सफाई, दिल्ली को पेरिस बनाने का वादा। 

इसके बदले दिल्ली को क्या मिला? घोटाले, कुप्रबंधन और एक भूतिया सरकार का नाटक जिसमें नाकामियों के बदले सिर्फ मोदी सरकार को गाली देना। ऐसे सरकार  जहां मुख्यमंत्री के पास कोई मंत्रालय नहीं था और कोई वास्तविक जिम्मेदारी नहीं थी और काम के नाम पर सिर्फ दिखावा और प्रचार का पाखंड। 

 कर्तव्य का यह परित्याग और लोगों के साथ विश्वासघात AAP के शासन की परिभाषित विशेषता बन गई और यही केजरीवाल एण्ड कंपनी के लिए काल साबित हट । दिल्ली को बिगड़ने के लिए छोड़ दिया गया जबकि केजरीवाल ने आत्म-प्रचार, दोषारोपण और राजनीतिक विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया। और ऐसे हालत मे परिणाम तो यही होना था क्योंकि केजरीवाल काम करना ही नहीं चाहते थे और घमंड ऐसे कि काँग्रेस और सहयोगियों को अपनी हठधर्मिता से झुकना इनका विशेषता बन चुकी थी। 

शनिवार, 8 फ़रवरी 2025

Delhi Election Result: कारण जिसने डुबोई अरविंद केजरीवाल की नैया

Arvind Kejriwal defeat reason Delhi Election

आखिरकार देश की राजधानी दिल्ली में 27सालों बाद भाजपा का वनवास खत्म होने को है। मतगणना के रुझान बताते हैं कि आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है ओर अरविंद केजरीवाल को करारी हार मिलने जा रही है। आखिरकार वो कौन से कारण रहे जो भाजपा को 27 सालों बाद सता में वापसी का मौका दिया और केजरीवाल एंड कंपनी को रुझानों के मुताबिक मिलने वाली हार का मार्ग प्रशस्त किया। अगर देखी जाए तो एग्जिट पोल ने भी भाजपा के पक्ष में जीत के संकेत दिए थे और बात जहां तक हार की है तो निम्न कुछ कारण हैं जिसने केजरीवाल की हार में प्रमुख भूमिका निभाई।

कमजोर नेतृत्व: अरविंद केजरीवाल भले हीं सिंगल मैन आर्मी बनकर पार्टी का बागडोर संभाले रखें लेकिन अब जनता का उनसे मोह भंग हो चुका है। सच तो यह है कि कमजोर नेतृत्व भी एक बड़ा कारण रहा है, जिसके कारण आम आदमी पार्टी का कैडर बुरी तरह इस चुनाव में बिखर गया। इसके विपरीत भाजपा ने अपने पार्टी के मजबूत संगठनात्मक ढांचा लाभ उठाया और आम आदमी पार्टी पर बढ़त बनाई।
भारी पड़ा भ्रष्टाचार के आरोप: आम आदमी पार्टी भले हीं मेरा केजरीवाल ईमानदार है जैसे नारे से लोगों को लुभाने की कोशिश की लेकिन नेताओं पर भ्रष्टाचार के लगे आरोप उनके लिए महंगे पदों जिससे लोगों का भरोसा आम आदमी पार्टी पर कम हुआ।
आंतरिक कलह और भीतरघात: आम आदमी पार्टी की हार में पार्टी कीआंतरिक कलह और भीतरघात भी एक बड़ा कारण रहा जिसने उसके हार की स्क्रिप्ट तैयार की। अरविंद केजरीवाल हमेशा इस मुगालते के शिकार रहे की उनकी पार्टी दिल्ली में अजेय है और पार्टी के अंदर कोई कलह नहीं हैं यह और बात है कि इसी आत्मविश्वास के कारण पार्टी का कैडर बिखर गया और पार्टी का संगठनात्मक ढांचा कमजोर हो गया।
कांग्रेस ने डुबोई लुटिया: इंडी गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ना और कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति भी आम आदमी पार्टी पर भारी पड़ी।अलग से चुनाव लड़ने से वोटों का बिखराव हुआ, जिससे आम आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचा।
भाजपा के लुभावने वादे: आम आदमी पार्टी को हराने में भाजपा ने उसके लुभावने वादे के हथियार से उसे हीं मात कर दिया। भाजपा की आक्रमक चुनावी रणनीति और बड़े एलान भी एक बड़ा कारण रहा, जिससे आम आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचा।

रविवार, 12 जनवरी 2025

नजरिया जीने का: विवेकानंद- प्रेरणा की किरण


भारतीय आध्यात्मिकता के एक महान व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद ने अपनी गहन शिक्षाओं से दुनिया पर अमिट छाप छोड़ी। सार्वभौमिक भाईचारे, आत्मनिर्भरता और मानवता की सेवा का उनका संदेश आज भी गूंजता रहता है।

विवेकानंद ने व्यावहारिक आध्यात्मिकता के महत्व पर जोर दिया, व्यक्तियों से केवल अमूर्त सिद्धांतों पर चिंतन न करने बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में लागू करने का आग्रह किया। उनका मानना ​​था कि सच्ची आध्यात्मिकता दूसरों की निस्वार्थ सेवा और दलितों के उत्थान में निहित है। उनका प्रसिद्ध उद्धरण, "मानवता की सेवा करो, और तुम ईश्वर की सेवा करोगे," इस मूल सिद्धांत को समाहित करता है।

उन्होंने सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की शक्ति का समर्थन किया। उनका मानना ​​था कि प्रत्येक व्यक्ति में अपार क्षमता होती है और इसे अनलॉक करने की कुंजी उसके भीतर ही होती है। उन्होंने अपने अनुयायियों को दृढ़ इच्छाशक्ति विकसित करने, सीमाओं को पार करने और अपने सभी प्रयासों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

विवेकानंद ने सामाजिक और आध्यात्मिक उत्थान के साधन के रूप में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना ​​था कि शिक्षा से सिर्फ़ ज्ञान ही नहीं मिलना चाहिए, बल्कि नैतिक मूल्यों का विकास भी होना चाहिए और चरित्र का विकास भी होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा की ऐसी प्रणाली की वकालत की जो व्यक्तियों को संपूर्ण जीवन जीने और समाज की बेहतरी में योगदान देने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करे। 

विवेकानंद की शिक्षाएँ दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। मानवता के प्रति प्रेम, करुणा और सेवा का उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था। सामाजिक और आर्थिक असमानताओं से जूझ रही दुनिया में, सामाजिक न्याय और मानव उत्थान के लिए उनका आह्वान आशा की किरण और अधिक सामंजस्यपूर्ण और न्यायसंगत भविष्य की ओर एक मार्ग प्रदान करता है।


नजरिया जीने का: भरतनाट्यम की शाश्वत विरासत का भव्य उत्सव-नृत्यधारा

आयाम इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा आयोजित नृत्यधारा – द्वितीय ने भरतनाट्यम के गहरे अध्यात्म, उसकी सुरुचिपूर्ण सुंदरता, और पारंपरिक समर्पण को भव्यता से प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम लिटिल थिएटर ग्रुप (LTG) ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ, जिसे प्रसिद्ध गुरु श्रीमती सिंधु मिश्रा ने बड़ी ही कुशलता और श्रद्धा के साथ संजोया और कोरियोग्राफ किया।  

यह आयोजन भरतनाट्यम के पारंपरिक बानी पर आधारित था, जिसे विख्यात गुरु के.एन. दंडयुधापाणि पिल्लई ने विकसित किया था। नृत्यधारा ने नृत्य (शुद्ध नृत्य), भाव (अभिव्यक्ति) और ताल (लय) के जटिल समन्वय को जीवंत कर दिया।  

कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पांजलि से हुआ, जिसमें रागम बौली और तालम आदि पर आधारित एक दिव्य प्रस्तुति दी गई। यह प्रस्तुति गुरु, देवता और दर्शकों को समर्पित थी। इसके बाद ध्यान श्लोकम प्रस्तुत किया गया, जो भगवान शिव के अद्वितीय स्वरूप को समर्पित था। इसे प्रसिद्ध संगीतकार श्रीमती सुधा रघुरामन ने रचा और इसमें शिव के वैश्विक और ब्रह्मांडीय स्वरूप को चित्रित किया गया।  

प्रत्येक प्रस्तुति में भरतनाट्यम की शास्त्रीयता और रचनात्मकता का अद्भुत मेल देखने को मिला। शिवाष्टकम में भगवान शिव की महानता को राग भूपाली और ताल खंड चापू पर प्रस्तुत किया गया। इसमें भगवान शिव को असुरों के विनाशक, गणेश के स्नेही पिता, और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रतीक के रूप में दिखाया गया।  

इसके बाद तुलसीदास जी के भजन श्री राम चंद्र पर आधारित भरतनाट्यम प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राग सिंधु भैरवी और आदि ताल पर आधारित इस प्रस्तुति में भगवान राम के गुणों को अत्यंत भावुकता से प्रस्तुत किया गया।  

पदम – यारो इवर यारो में माता सीता और भगवान राम की प्रथम भेंट को भावनात्मक गहराई के साथ प्रस्तुत किया गया। राग भैरवी और ताल आदि पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके अलावा भो शंभो और तिल्लाना जैसे नृत्यांशों ने भी दर्शकों को अद्भुत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया।  


गुरु श्रीमती सिंधु मिश्रा ने कहा, "नृत्यधारा – द्वितीय समर्पण, श्रद्धा और भरतनाट्यम की शाश्वत सुंदरता का उत्सव है। दर्शकों का अपार स्नेह और समर्थन इस कला रूप की अमरता को प्रमाणित करता है। हमारा उद्देश्य इस अद्भुत परंपरा को संरक्षित रखना और नई पीढ़ी को इसकी ओर प्रेरित करना है।"  

नृत्यधारा – द्वितीय न केवल एक नृत्य प्रस्तुति थी, बल्कि यह भरतनाट्यम की समृद्धता और विविधता का जीवंत उत्सव था। इसने दर्शकों को भरतनाट्यम की अद्वितीय सुंदरता और शाश्वत आकर्षण का अनुभव कराया।

रविवार, 5 जनवरी 2025

केजरीवाल का मुफ्त पानी, बिजली, शिक्षा जैसी उदारतापूर्वक नीति साबित हुई अभिशाप: काँग्रेस

 

काँग्रेस ने आरोप लगा है कि  केजरीवाल कि मुफ्त पानी, मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल, यह मुफ्त, वह मुफ्त जैसी उदारतापूर्वक नीति दिल्ली कि जनता के लिए अभिशाप साबित हुई हैं। उनके मुफ्त वादे केवल कागजों में दिख रह गए हैं, मुफ्त के नाम पर लोगों के साथ विश्वासघात किया है। पिछले 11 वर्षों में दिल्ली के लोगों को धोखे के अलावा कुछ नही मिला।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली न्याय यात्रा के 11वें दिन  शाहदरा विधानसभा, कृष्णा नगर विधानसभा और लक्ष्मी नगर विधानसभा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप सरकार की विफलता के कारण दिल्लीवाले गंदगी में जीने को मजबूर है और गंदगी की वजह से बीमारी फैल रही है।  यादव ने डेंगू से मरने वाले व्यक्ति के परिवारजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण इस वर्ष अभी तक रिकार्डतोड़ 4533 डेंगू के मामले दर्ज हुए है, जबकि नवंबर महीने में ही 472 मामले सामने आएं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के संरक्षण वाली दिल्ली सरकार ने दिल्ली के ढांचागत विकास को ही हताहत नही किया बल्कि दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य, शिक्षा और आसपास के क्षेत्र के स्वच्छ रखने में विफल रहने के कारण उनको मानसिक तौर पर भी प्रताड़ित किया है।

 उन्होंने कहा कि सकारात्मक राजनीति के तहत यात्रा के दौरान जमीनी स्तर पर काम करने वाले हर दिल्ली के नागरिक से मिल रहे है जिनकी सरकार ने पूरे 11 वर्षों के कार्यकाल में अनदेखी की है। न्याय यौद्धा प्रतिदिन यात्रा के दौरान गरीब, वंचित, मजूदर, ठेले वाले, रेहडी पटरी खोमचे वाले, सब्जी वाला, वृद्ध, मोची, नाई, धोबी, प्रेस वाला हर मजबूर व्यक्ति की पीड़ा और परेशानी की बात करके उसके स्थाई सामधान का आश्वासन दे रहे है जिसको भाजपा और आम आदमी पार्टी पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।

अरविन्द केजरीवाल फर्जीवाड़े में दुनिया का सबसे बड़ा राजा- काँग्रेस

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केजरीवाल मुफ्त पानी, मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल, यह मुफ्त, वह मुफ्त जैसी उदारतापूर्वक नीति अभिशाप साबित हुई हैं। उनके मुफ्त वादे केवल कागजों में दिख रह गए हैं, मुफ्त के नाम पर लोगों के साथ विश्वासघात किया है। पिछले 11 वर्षों में दिल्ली के लोगों को धोखे के अलावा कुछ नही मिला।

दिल्ली का दंगल: अरविन्द केजरीवाल फर्जीवाड़े में दुनिया का सबसे बड़ा राजा- काँग्रेस


काँग्रेस ने आरोप लगाया है कि यदि केजरीवाल का एक शब्द के वर्णन किया जाए तो वह है ‘‘फर्जीवाल’’।  अरविन्द केजरीवाल फर्जीवाड़े में दुनिया का सबसे बड़ा राजा है। 

कांग्रेस कोषाध्यक्ष श्री अजय माकन ने कहा कि यदि केजरीवाल का एक शब्द के वर्णन किया जाए तो वह है ‘‘फर्जीवाल’’।  अरविन्द केजरीवाल फर्जीवाड़े में दुनिया का सबसे बड़ा राजा है। जिसके काले कारनामों के खिलाफ आज हम श्वेत पत्र लेकर आए है। उन्होंने कहा कि यह श्वेत पत्र भाजपा पर भी लागू होता है। यह श्वेत पत्र ‘‘मौका मौका हर बार धोखा’’ चुनाव प्रचार के दौरान हमारा ब्लू प्रिंट होगा।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने दिल्ली में एक सौदागर आया जिसने भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी प्रशासन देने का दावा किया और दिल्ली की जनता ने झांसे में आकर अरविन्द केजरीवाल को बड़ा बहुमत दिया। जनता को उम्मीद थी कि उन्हें फ्री बिजली, पानी मिलेगा, शहर लंदन पैरिस जैसा बनेगा, यमुना सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम होगा। परंतु आज दिल्ली कूड़े का ढेर, टूटी सड़कों वाली राजधानी बनकर रह गई है। वृद्धों को पेंशन नही, गरीबों को राशन नही, घर में गंदा पानी, महंगी बिजली के बिल बढ़े गए है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरक्की चौतरफा रुकी हुई नजर आती है। 

कांग्रेस कोषाध्यक्ष श्री अजय माकन ने कहा कि यदि केजरीवाल का एक शब्द के वर्णन किया जाए तो वह है ‘‘फर्जीवाल’’।  अरविन्द केजरीवाल फर्जीवाड़े में दुनिया का सबसे बड़ा राजा है। जिसके काले कारनामों के खिलाफ आज हम श्वेत पत्र लेकर आए है। उन्होंने कहा कि यह श्वेत पत्र भाजपा पर भी लागू होता है। यह श्वेत पत्र ‘‘मौका मौका हर बार धोखा’’ चुनाव प्रचार के दौरान हमारा ब्लू प्रिंट होगा।

 श्री अजय माकन ने श्वेत पत्र के बारे में बोलते हुए कहा कि कोरोना काल में जब लाशों का अंबार लगा था, क्रियाकर्म के लिए लंबी लाईने लगी थी, लोग ऑक्सीजन और आईसीयू के लिए तरस रहे थे, उस वक्त अरविन्द केजरीवाल शीश महल पर करोड़ों खर्च कर रहे थे और भाजपा सेन्ट्रल विस्टा बनवाने में मोदी का गुनगान कर रही थी। उन्होंने कहा कि 3652 दिन बीतने के बाद जनलोकपाल लागू नही किया जबकि जनलोकपाल लागू करने के नाम पर सत्ता में आए थे। परंतु लोकपाल को पंजाब में क्यों लागू नही कर रहे वहां तो पूर्ण स्वायतता है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने ईमानदारी का ढोंग करके घोटालों को जाल बुन डाला ।

श्री अजय माकन ने कहा कि आम आदमी ने कैसे बना शीश महल का राजा बना। शराब घोटाला करके शीश महल बना डाला, 100 करोड़ की रिश्वत से गोवा चुनाव लड़ा आप ने।  

दिल्ली का दंगल: 10 वर्षों के आप और भाजपा के पापों ने दिल्ली को 50 वर्ष पीछे धकेला-काँग्रेस


काँग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो के शीर्ष नेता झूठ बोलते हुए अपनी आवाज भारी रखते है और दूसरे झुठ की तैयारी करते है। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में भाजपा और आम आदमी पार्टी के निष्क्रिय शासन के कारण दिल्ली विकास के क्षेत्र में 50 वर्ष पीछे खिसक गई है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान अरविन्द केजरीवाल और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पिछले 2014 के बाद दिल्ली के विकास, प्रगति और दिल्ली के लोगों की जीवन शैली में क्या बेहतर हुआ इस पर कोई चर्चा करता दिखाई नही देता, सिर्फ भविष्य की योजनाओं, उद्घाटन और शिलान्यास करके लोगों के बीच गोलमोल बात करके मुद्दों से भागते नजर दिखाई दे रहे है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी पार्टी से अपने लिए और अपनी समस्याओं के समाधान की बात और उन्हें कार्यान्वित करने की कोशिश पर चर्चा करना चाहते है।

अरविन्द केजरीवाल फर्जीवाड़े में दुनिया का सबसे बड़ा राजा- काँग्रेस

काँग्रेस ने कहा है कि आज यह बताने की जरुरत है कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का स्थापना मई 1995 में हुई थी और 90 के दशक में कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान मास्टर प्लान बनाया गया जिसमें 420 किलोमीटर मेट्रो रुट बनाया गया जिसको पूरा करने का लक्ष्य 2021 तक रखा गया। पहले चरण में 10571 करोड़ की लागत से 65 किलोमीटर का काम 1 अक्टूबर 1998 को शुरु हुआ जिसको समय से 2 वर्ष 9 महीने पूर्व पूरा कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में नई क्रांति लाने का काम कांग्रेस ने किया।

मेट्रो के दूसरे चरण में एयरपोर्ट लाईन का सिविल वर्क, एनसीआर विस्तार के तहत 23810 करोड़ की लागत पर 125 किलोमीटर मेट्रो लाईन बिछाने का काम 2006 में शुरु हुआ और इस परियोजना को भी समयावधि से 3 महीने पहले पूरा करके एक कीर्तिमान स्थापित किया। मेट्रो के तीसरे फेस में 35000 करोड़ की लागत पर 103 किलोमीटर का काम शुरु हुआ और इसी चरण में 14 किलोमीटर की मेट्रो लाईन की एक्सटेंशन फरीदाबाद के लिए 2494 करोड़ की लागत से सितंबर 2011 में स्वीकृति दी गई।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस के पब्लिक ट्रांसपोर्ट विकास के क्षेत्र में इन प्रयासों से 3,90,971 वाहन सड़कों पर चलना कम हो गए और औसतन 32 मिनट का सफर कम होने के साथ 276000 टन फयूल कंजम्पशन और 577184 टन पोलूटन कम हुआ और सैंकड़ो दुर्घटनाओं में भी कमी आई है।


शनिवार, 28 दिसंबर 2024

नजरिया जीने का: मेगा पीटीएम मे बारिश और ठंड भी नहीं रोक पाई बच्चों और पेरेंट्स का उत्साह

Delhi School Mega PTM CM Atishi

आज राजधानी दिल्ली मे बारिश के कारण बढ़ी हुई ठंड भी बच्चों के उत्साह को रोक नहीं पाई और  दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों में शनिवार को मेगा पीटीएम का आयोजन किया गया। स्कूलों में आयोजित मेगा पीटीएम में पेरेंट्स जबरदस्त उत्साह के साथ शामिल हुए और बड़ी संख्या में पीटीएम में भाग लिया। दिल्ली सरकर के स्कूलों में पेरेंट्स का कॉन्फिडेंस और उनके चेहरे की खुशी ये साबित कर रही थी कि ठंड और वारिश पर उनके उत्साह भारी रहे। 

सीएम आतिशी ने कहा कि, "मुझे इस बात की खुशी है कि बारिश के बावजूद भी बड़ी संख्या में पेरेंट्स स्कूल पहुंच रहे है। पीटीएम में मैंने कई पेरेंट्स से बात भी की, वो बच्चों की पढ़ाई से बहुत खुश है और बच्चों में भी इतना कॉन्फिडेंस है कि वो खुलकर अपनी बातें रख रहे है। माता-पिता की ख़ुशी देखकर ये पता चलता है कि अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती है तो बच्चा और परिवार तो आगे बढ़ेगा ही, हमारा देश भी आगे बढ़ेगा।"

मेगा पीटीएम: क्यों जरूरी 

मेगा पीटीएम् में पेरेंट्स की बढ़ती भागीदारी पर सीएम आतिशी ने कहा कि, पीटीएम् में पेरेंट्स की भागीदारी दर्शाता है कि टीचर्स के साथ साथ पेरेंट्स भी अपने बच्चों के पढ़ाई व भविष्य को लेकर सजग हो रहे है | उन्होंने कहा कि मेगा पीटीएम इसलिए जरुरी है क्योंकि बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी और उनके आगे बढ़ने की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति की नहीं होती | हमारे बच्चे तभी आगे बढ़ेंगे जब टीचर और पेरेंट्स मिलकर उनकी पढ़ाई पर ध्यान देंगे| इस दिशा में मेगा पीटीएम पेरेंट्स और टीचर्स को साथ लाने का काम कर रहा है| 

इस मौके पर सीएम आतिशी ने कहा कि  "पहले पीटीएम सिर्फ बड़े प्राइवेट स्कूलों में होते थे, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मौका नहीं मिलता था कि उनके पेरेंट्स स्कूल में आए पढ़ाई को लेकर टीचर्स से बात करे लेकिन अब लगातार पिछले 10 साल से दिल्ली सरकार के स्कूलों में मेगा पीटीएम का आयोजन हो रहा है।"

मेगा पीटीएम:  पैरेंट्स और टीचर्स के बीच जुड़ाव 

सीएम आतिशी ने कहा कि, "मेगा पीटीएम की ये शानदार पहल अरविंद केजरीवाल जी के विजन का परिणाम है जिसने पैरेंट्स और टीचर्स के बीच जुड़ाव को बढ़ाने का काम किया है।"

बुधवार, 25 दिसंबर 2024

नजरिया जीने का: भरतमुनि रंग उत्सव 2024@सामाजिक अलगाव, वैवाहिक संबंधों और धुंधली सच्चाइयों जैसे विषयों को समर्पित

Najariya jine ka Bharatmuni rang utsav

भरतमुनि रंग उत्सव 2024 के दूसरे दिन ने अपनी रंगमंचीय प्रस्तुति से दर्शकों को बांधकर रखा, जो उद्घाटन दिवस की अद्वितीय सफलता के बाद और अधिक उत्साहजनक बन गया। 23 दिसंबर को शुरू हुए इस उत्सव ने पहले दिन तीन शानदार नाटकों 'असमंजस बाबू', 'आखिरी हिला' और 'धुंध' के साथ अपनी शुरुआत की। ये नाटक सामाजिक अलगाव, वैवाहिक संबंधों और धुंधली सच्चाइयों जैसे विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि प्रस्तुत करते हुए दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर गए।

दूसरे दिन के कार्यक्रमों ने भी समान रूप से प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ दर्शकों को जोड़े रखा। सआदत हसन मंटो द्वारा लिखित और अमर साह द्वारा निर्देशित नाटक 'इंतजार' ने दो पात्रों की भावनात्मक स्थिति और उनके अस्तित्वगत संघर्षों को बड़े ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। न्यूनतम सेटिंग और गहन संवादों के माध्यम से इस नाटक ने प्रतीक्षा के सार्वभौमिक मानवीय अनुभव को जीवंत कर दिया।

'पुरुष: द गॉड ऑफ फ्यू इंचेस', शुद्धो बनर्जी द्वारा लिखित और निर्देशित एकल प्रस्तुति, पारंपरिक पुरुषत्व की अवधारणा और समकालीन वास्तविकताओं के बीच टकराव को दर्शाती है। नाटक की गहराई और संदेश ने समाज के कई पहलुओं पर विचार करने को मजबूर किया। वहीं, अब्दुस सलाम अंसारी द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक 'किस्सा आदमी का' ने हास्य और व्यंग्य के माध्यम से पहचान और सामाजिक मानदंडों पर प्रकाश डाला। दो अजनबियों के बीच के रोचक सवालों ने समाज की परंपरागत धारणाओं को चुनौती दी और दर्शकों को हंसने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर किया।

उत्सव के आगामी दिनों में थिएटर प्रेमियों के लिए और भी दिलचस्प नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। 25 दिसंबर को 'खाली बोतलें खाली डिब्बे', 'हैमलेट हरताज वर्सेज़ द को' और 'मेरे कबीर – दास्तानगोई' दर्शकों का मन मोह लेंगे। 26 दिसंबर को भव्य समापन के तहत 'तृष्णा', 'मरणोपरांत' और 'दिग्दर्शक' का मंचन किया जाएगा, जो उत्सव को एक यादगार अंत देगा।

भरतमुनि रंग उत्सव 2024, रंगमंच की अद्वितीय शक्ति और समाज के सत्य को प्रतिबिंबित करने वाले इन नाटकों का प्रमाण है। इन भारतीय रंगमंच की उत्कृष्ट कृतियों का हिस्सा बनने का मौका न गंवाएं।

नजरिया जीने का: करवा चौथ-जाने कैसे बनाएं पत्नी के करवाचौथ को रोमांटिक और यादगार

 najariya jine ka karwachauth how to make moment memorable


नजरिया जीने का:  करवा चौथ सुहगिनो का एक प्रमुख त्यौहार है और इसके लिए प्रत्येक सुहागन कई दिनों के पहले से ही इंतजार करती है। न केवल इस त्यौहार को मनाने के लिए बल्कि पत्नियों के लिए इस पर्व का प्रत्येक मोमेंट खास होता है चाहे वह पूजा हो या फिर  सजने सवरने की तैयारी तक, सब कुछ बहुत खास होता है ।  

करवा चौथ एक हिंदू त्योहार है जो विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए मनाती हैं। करवाचौथ वाले दिन एक स्त्री पूरा दिन निर्जला व्रत करके अपने पति की लंबी आयु व उसके बेहतर स्वास्थ्य की कामना करती है। वैसे तो हर स्त्री के लियें ये व्रत महत्वपूर्ण है लेकिन लेकिन अगर शादी के बाद पहला करवा चौथ हो तो फिर बात ही कुछ और है। जब एक नई दुल्हन पूरा शृंगार करके तैयार होती है और पति के लिए सजती संवारती है वो उसके लियें बहुत खास होता है ।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने पत्नी को बताएं कि आप उसे कितना प्यार करते हैं और उसकी कितनी परवाह करते हैं। करवा चौथ एक ऐसा दिन है जब आप अपने प्यार को व्यक्त कर सकते हैं और अपने रिश्ते को मजबूत कर सकते हैं।

करवा चौथ को यादगार बनाने के लिए कुछ सुझाव इस प्रकार हैं:

प्रेम और सम्मान दिखाएं: करवा चौथ एक प्रेम और सम्मान का त्योहार है। अपने पत्नी को बताएं कि आप उसे कितना प्यार करते हैं और उसकी कितनी परवाह करते हैं। उसे एक उपहार दें, उसे एक प्यारा सा संदेश लिखें, या उसके लिए कुछ खास करें।

व्रत को आसान बनाएं: करवा चौथ एक कठिन व्रत हो सकता है, खासकर अगर आप पहली बार मना रही हों। अपने पत्नी को व्रत रखने में मदद करने के लिए कुछ कदम उठाएं। उदाहरण के लिए, आप उसे सुबह नाश्ता बना सकते हैं, उसके लिए पानी का ध्यान रख सकते हैं, या शाम को उसे व्रत तोड़ने में मदद कर सकते हैं।

एक रोमांटिक रात बनाएं: करवा चौथ एक विशेष दिन है, इसलिए इसे एक रोमांटिक रात के साथ समाप्त करें। एक साथ डिनर करें, एक फिल्म देखें, या बस बात करें और एक-दूसरे के साथ समय बिताएं।

यहां कुछ विशिष्ट विचार दिए गए हैं जो आप अपने पत्नी के करवा चौथ को यादगार बनाने के लिए कर सकते हैं:

  • उसके लिए एक खूबसूरत साड़ी या लहंगा खरीदें।
  • उसे एक खूबसूरत सा हार या झुमके दें।
  • उसके लिए एक प्रेम पत्र लिखें।
  • उसके लिए एक रोमांटिक डिनर का प्लान बनाएं।
  • उसके लिए एक कैंडल लाइट डिनर का आयोजन करें।
  • उसके लिए एक सरप्राइज पार्टी का आयोजन करें।


नजरिया जीने का: मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व, स्पष्ट दृष्टि और मजबूत लोकप्रियता है चुनौती विपक्ष के लिए

 Najariya jine ka Modi His Personality And Positive Things

नजरिया जीने का: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व, स्पष्ट दृष्टि और मजबूत लोकप्रियता के आगे विपक्षी दलों के मनसूबे सफल होने का कोई आसार नजर नहीं आर रहा. सच्चाई तो यह है कि मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व, स्पष्ट दृष्टि और मजबूत लोकप्रियता ने उन्हें भारत के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बना दिया है। उनकी नीतियों और उनके नेतृत्व ने भारत को कई क्षेत्रों में प्रगति करने में मदद की है।

एक क्वोट्स है जो इस प्रकार है- "यह सोचना कठिन है कि क्या असंभव है। क्योंकि कल का सपना आज की आशा और कल की वास्तविकता है।" ऐसा लगता है कि यह उद्धरण विशेष रूप से भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को ध्यान में रखकर लिखा गया है जो इस पर बिल्कुल फिट बैठता है। मोदी अपने करिश्माई व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं, जो न केवल दूरदर्शी और निर्णायक हैं, बल्कि वे भारत के लोगों के बीच लोकप्रिय भी हैं। वह अपने मजबूत संचार कौशल, लोगों से जुड़ने की क्षमता और भारत के लिए अपने दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के कुछ उज्जवल और मजबूत बिंदुओं पर अगर गौर करें तो आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर मोदी क्यों देश ही नहीं बल्कि दुनिया में अपने प्रद्तिंद्वंदियों को पीछ छोड़ कर लोकप्रियता में सबसे शीर्ष पर हैं. 

करिश्माई व्यक्तित्व: 

 मोदी एक स्वाभाविक नेता हैं जो लोगों को प्रेरित और प्रेरित करने में सक्षम हैं। वह एक प्रतिभाशाली वक्ता हैं जो भावनात्मक स्तर पर लोगों से जुड़ने में सक्षम हैं।

दूरदर्शी: 

मोदी  के पास भारत के भविष्य के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण है। वह बड़ा सोचने से डरते नहीं हैं और वह भारत को वैश्विक नेता बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

निर्णायक: 

मोदी एक निर्णायक नेता हैं जो कठोर निर्णय लेने से नहीं डरते। वह जोखिम लेने से नहीं डरते और यथास्थिति को चुनौती देने को तैयार हैं।

कुशलता के साथ पथ पर अग्रसर: 

 मोदी एक कुशल नेता हैं जो काम करवाने में सक्षम हैं। वह कार्य सौंपने से नहीं डरता और वह लोगों को जवाबदेह ठहराने में सक्षम है।

लोकप्रियता: 

 मोदी एक लोकप्रिय नेता हैं जिन्हें भारतीय लोगों के बीच व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्हें एक मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में देखा जाता है जो अपने वादों को पूरा करने में सक्षम है।

बेशक, नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं, जैसे विपक्ष उन पर आरोप लगाता रहता है, हालांकि, उनकी सरकार को लोगों द्वारा दिया गया जनादेश और समर्थन दर्शाता है कि वह असली व्यक्ति हैं जो भारत को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर नरेंद्र मोदी एक ऐसी शख्सियत हैं जो अपनी वाकपटुता से विपक्षी नेताओं को मजबूर करने की कला जानते हैं और उनके काम उनकी कार्यकुशलता और लोकप्रियता को साबित करने के लिए काफी हैं।

गुरुवार, 19 दिसंबर 2024

नजरिया जीने का: हंसी न केवल मनोरंजन, बल्कि प्रेरणा और विचारों को भी जन्म देती है

Najariya jine ka Humour gives Thoughts and Positive Energy

नजरिया जीने का: हंसी न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि प्रेरणा और विचारों को भी जन्म देती है और दिल्ली सरकार के साहित्य कला परिषद द्वारा आयोजित हास्य रंग उत्सव ने इस तथ्य को एक बार फिर से साबित कर दिया। तीन दिन तक चले इस उत्सव ने हास्य, व्यंग्य और रंगमंच के बेहतरीन प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया।

उत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत प्रसिद्ध हास्य कलाकार वीआईपी की ऊर्जावान स्टैंड-अप प्रस्तुति से हुई। उनके मजाकिया अंदाज, गजब की कॉमिक टाइमिंग और तीखे व्यंग्य ने दर्शकों को ठहाकों से सराबोर कर दिया। इसके बाद मंच पर पेश हुआ श्याम कुमार द्वारा निर्देशित नाटक बैंक मैनेजर। 

नजरिया जीने का: आपकी प्रसन्नता में छिपा है आपकी सफलता का रहस्य

यह नाटक रूस के प्रख्यात लेखक एंटन चेखव की दो प्रसिद्ध कहानियों सर्जरी और ए डिफेंसलेस क्रिएचर पर आधारित था। नाटक में हास्य और व्यंग्य के माध्यम से रोजमर्रा की जिंदगी की विडंबनाओं को शानदार तरीके से प्रस्तुत किया गया। एक परेशान बैंक मैनेजर, अपने हक के लिए लड़ती जिद्दी महिला, और हास्यास्पद चिकित्सा का सामना करते क्लर्क की कहानियों ने दर्शकों को गुदगुदाया और सोचने पर मजबूर किया।

शुरुआत से समापन तक हंसी का सफर

पहले दिन की शुरुआत सुनील पाल की हास्य प्रस्तुति से हुई। उनकी सहज शैली और चुटीले पंच ने दर्शकों को खूब हंसाया। इसके बाद मंच पर पेश हुआ हबीब तनवीर का प्रसिद्ध नाटक चारंदास चोर, जिसे एनएसडी के राजेश तिवारी ने निर्देशित किया था। इस व्यंग्यात्मक नाटक ने नैतिकता और मानवीय स्वभाव के जटिल पहलुओं को खूबसूरती से उजागर किया।

दूसरे दिन एहसान कुरैशी ने अपने अनोखे हास्य अंदाज से दर्शकों को बांधे रखा। इसके बाद जयवर्धन सिंह का नाटक घर का न घाट का, जिसे जे.पी. सिंह ने निर्देशित किया, ने सामाजिक दबावों और परंपराओं को हास्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस नाटक ने पारिवारिक संघर्षों और पुरुष उत्तराधिकार जैसे मुद्दों पर गहरी चर्चा छेड़ी।

हास्य और नाट्य कला का अनूठा संगम

तीन दिन तक चले हास्य रंग उत्सव ने साबित किया कि हंसी न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि प्रेरणा और विचारों को भी जन्म देती है। इस उत्सव में प्रतिभाशाली कलाकारों, समय-चेतना से भरी कहानियों और शानदार प्रस्तुतियों का अनूठा संगम देखने को मिला

सोमवार, 16 दिसंबर 2024

नजरिया जीने का: पीकेएल-11- शानदार जीत के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे पटना पाइरेट्स

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नजरिया जीने का: देवांक (11) और अयान (9) के अलावा डिफेंस में शुभम (5) तथा अंकित (4) के शानदार प्रदर्शन की  बदौलत तीन बार के चैंपियन पटना पाइरेट्स ने बालेवाड़ी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बैडमिंटन हॉल में सोमवार को खेले गए प्रो कबड्डी लीग के सीजन के 116वें मैच में मेजबान पुनेरी पल्टन को 37-32 के स्कोर से हराकर अंक तालिका में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है।

पटना को 19वें मैच में 12वीं जीत मिली। उस एक पायदान का फायदा हुआ। दूसरी ओर, घर में लगातार तीन हार के बाद पिछले मैच में जीत का स्वाद चखने वाली पल्टन फिर बेपटरी हो गई। पल्टन के पास हालांकि अभी भी प्लेआफ में जाने का मौका है लेकिन यह काफी मुश्किल है। पल्टन के लिए अबिनेश ने सात जबकि आकाश और अमन ने 6-6 अंक लिए।

पिछले मैच की जीत से उत्साहित पल्टन ने शुरुआती तीन मिनट में 3-1 की लीड ले ली थी। इसमें दो बार देवांक औऱ एक बार अयान का शिकार शामिल है। चार मिनट में रेडिंग में किसी का खाता नहीं खुला था लेकिन पंकज ने दीपक को गच्चा देकर इसकी शुरुआत की। पल्टन 4-2 से आगे थे।

इसके बाद हालांकि अयान ने भी रेडिंग में पटना का खाता खोल दिया। अयान ने अगली रेड पर देवांक को रिवाइव कराया और आते ही देवांक ने गौरव को आउट कर स्कोर 6-6 कर दिया। अयान ने अगली रेड पर भी अंक लिया और पल्टन को सुपर टैकल सिचुएशन में ला दिया।

देवांक भी अब चलने लगे थे। उन्हें और अयान को पुणे का डिफेंस लगातार अंक दे रहा था और यही कारण था वे आलआउट की कगार पर थे लेकिन अबिनेश ने बोनस के साथ एक रिवाइवल ले लिया। और फिर पंकज तथा अबनेश ने देवांक को सुपर टैकल कर स्कोर 13-10 कर लिया।

शुभम ने अगली रेड पर पंकज को आउट कर पल्टन को फिर आलआउट की ओर धकेला। अयान ने दादासो का शिकार किया लेकिन अबिनेश ने दूसरी बार बोनस के साथ रिवाइवल ले लिया। अकेले बचे अबिनेश ने अगली रेड पर बोनस लिया। उनकी बदौलत पल्टन ने 16-13 स्कोर पर पाला बदला।

अगली रेड पर हालांकि अबिनेश लपके गए और इस तरह पटना ने आलआउट लेकर स्कोर 16-17 कर दिया। इसके बाद पटना ने देवांक के दो मल्टीप्वाइंटर्स की मदद से 3 अंक की लीड ले पल्टन को एक बार फिर आलआउट की ओर धकेल दिया। अमन ने हालांकि देवांक को सुपर टैकल कर स्कोर 21-22 कर दिया।

पल्टन लगातार सुपर टैकल पर खेल रहे थे। अमन ने इस बार अयान को लपक न सिर्फ हाई-5 पूरा किया बल्कि स्कोर 23-23 कर दिया। देवांक ने हालांकि अगली रेड पर पल्टन को आलआउट कर 28-24 की लीड ले ली। देवांक ने इसी के साथ सुपर-10 पूरा किया। पल्टन ने हालांकि आलइन के बाद देवांक का शिकार कर लिया।

ब्रेक के बाद पटना ने एक के मुकाबले तीन अंक लेकर स्कोर 31-26 कर दिया लेकिन पंकज और अमन ने फासला 3 का कर दिया। पटना ने जल्द ही चार की लीड ले और फिर डू ओर डाई रेड पर अयान के बोनस से फासला 5 का किया और फिर गुरदीप ने आकाश को लपक स्कोर 34-28 कर दिया। अब सिर्फ सवा दो मिनट बचे थे।

इसी बीच अयान ने अमन और अबिनेश का शिकार कर फासला 8 का किया लेकिन आर्य़वर्धन ने मल्टीप्वाइंटर के साथ स्कोर 30-36 कर दिया। अगली रेड पर हालांकि वह लपक लिए गए। अब पल्टन के पास समय कम बचा था और इस तरह वे 20 मैचों में नौवीं हार को मजबूर हुए।